पुताई का कार्य जीरो इन्वेस्टमेंट वाला बिज़नेस How start paint work in hindi


दोस्तों आपने अपने घर की पेंटिंग (पुताई) तो करवाई होगी, पर क्या आपको ये पता है, की पेंटिंग के कार्य को हम एक अच्छे कैरियर के रूप में चुन सकते है। दोस्तों ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर पेंटिंग के कार्य डिमांड लगभग हर शहर में होती है। 

पेंटिंग कांट्रेक्टर कैसे बने :- 
पेंटिंग के कार्य में कांट्रेक्टर बनकर आप बहुत मुनाफा कमा सकते हो। कई पेंटिंग कांट्रेक्टर आज इस कार्य से लाखो रुपये कमाते है, और कई लोगो को रोजगार भी देते है। दोस्तों इस पुरे लेख को आखिरी तक पढ़कर यदि आपने अच्छी तरह से समझ लिया तो आपको लगभग अस्सी प्रतिशत जानकारी प्राप्त हो जायेगी। 

यह लगभग बिना इन्वेस्टमेंट वाला बिज़नेस होता है। शुरू में कुछ खरीदने की आवश्यक्ता लगभग नहीं के बराबर है। क्योंकि इसमें लगने वाले लगभग सारे उपकरण जैसे कुर्सी (घोड़ी), मचान, झूला, कम्प्रेशर आदि किराये पर आसानी से मिल जाते है। लेकिन यदि आप इस कार्य को बड़े स्तर पर  करना चाहते हो तो आपको ये उपकरण खरीदना पड़ेंगे। इसके अलावा कुशल पेंटरो की भी आवश्यक्ता होगी। 

दोस्तों पुताई के काम में कई तरह के कार्य होते है, जैसे 
  • पुराने घर की पुताई करना 
  • नए बने हुए मकान में शुरू से पुट्टी एवं पेंट करना 
  • लकड़ी पर पोलिश करना 
  • लोहे के जालियों एवं गेट पर कलर करना 
  • दीवारों पर टेक्सचर बनाना आदि 
पुराने घर की पुताई करना:-

दोस्तों आपने अपने स्वयं के घर में पुताई का काम करवाया होगा। आपको पेंटर सामान की लिस्ट देता है, और आप उसे सामान लेकर देते हो और वह घर पुताई कर देता है, और लोहे की जालियो एवं गेट पर ऑइलपेंट कर देता है। एवं कलर के शेड आप अपने हिसाब से ही बनवाकर लाते हो।

आपको भी पेंटिंग कांट्रेक्टर बनने के बाद इसी तरह से मकान मालिक से पुताई के कार्य का रेट फायनल करना है, और अपने पेंटरो से वह कार्य करवाना है। आपका काम पेंटर को सामान उपलब्ध करवाना होता है। तथा कार्य कहाँ से शुरू करे ये बताना होता है। पेंटरो को उनका दैनिक वेतन देने के बाद जो पैसा बचता है वह ही आपकी कमाई है। 

इसी तरह ज्यादातर लोग अपने घर की पुताई लगभग एक या दो साल में करवाते रहते है। यदि आपका कार्य व व्यवहार मकान मालिक से अच्छा रहता है, तो आप उनके परमानेंट पेंटिंग कांट्रेक्टर बन जाओगे और उनके द्वारा आपको और भी बहुत से काम मिलने लगेंगे। इस तरह से आपका बिज़नेस अच्छी तरह से चलने लगेगा। 

नए बने हुए मकान में शुरू से पुट्टी एवं पेंट करना :-

यह कार्य आपको मकान मालिक, बिल्डर या इंजिनियर द्वारा मिल सकता है। इस कार्य के लिए आपको थोड़ा जानकारी रखना आवश्यक है। काम तो पेंटरो को ही करना है, आपको तो केवल उन्हें सलाह देना है। किंतु पेंटरों को सलाह देने से पहले आपको भी काम के बारे में पूरी जानकारी होना आवश्यक है।  

आपको सबसे पहले दीवारों एवं छत के प्लास्टर को बट्टी या पत्ता लगाकर घिसना होगा, जिससे प्लास्टर के ऊपर चिपके हुए रेत के दाने गिर जाये। अब झाड़ू फेरकर या पानी से दीवारों को एक बार धोना होगा जिससे रेत पूरी तरह से निकल जाए। 

अब प्लास्टर पर सभी जगह व्हाइट सीमेंट घोलकर पोतना होगा। जिसकी कम से कम दो या तीन दिन तक तराई करना होगी फिर वह सेट होगी। किन्तु आजकल व्हाईट सीमेंट की जगह सीमेंट प्राइमर आता उसे पोतने पर उसकी तराई करने को जरुरत नहीं होती है, वह सूखते ही उस पर अगला कार्य करने के लिए तैयार हो जाएगा। 

अब प्राइमर सूखने के बाद पुट्ठी को घोलकर पत्ते से एक कोट (लेयर या परत) चढ़ाना होता है। पुट्ठी को घोलना और पत्ते से चढ़ाने का पूरा काम पेंटर को आता है। यह पुट्ठी गर्मियों में दो से तीन घंटे में सुख जाती है, तथा बरसात में एक दिन पूरा लग सकता है। एक बार सूखने के बाद पुट्टी का दूसरा कोट चढ़ाना होता है, फिर सूखने के बाद तीसरा कोट चढ़ाना होता है, तथा चौथा कोट एक्रेलिक पुट्ठी का चढ़ाते है। 

अब सूखने के बाद पुट्ठी की रेजमाल (एमरी पेपर) से घिसाई की जाती है।घिसाई का कार्य हेल्परों से करवा सकते है। घिसाई होने के बाद पानी से धोया जाता है, ताकि धूल पूरी से हट जाए। उसके बाद एक कोट इंटीरियर प्रायमर का रोलर से लगाया जाता है, प्राइमर का कार्य पुट्ठी एवं पेंट के बीच अच्छी पकड़ बनाए रखना है। प्राइमर सूखने के बाद एक कोट पेंट का लगाया जाता है। 

पेंट का एक कोट लगाने के बाद दीवार में जो स्क्रेच आदि के निशान होते है, वे अच्छी तरह से दिखाई देने लगते है। इन निशानों पर एक्रेलिक पुट्ठी से टचिंग की जाती है, तथा सूखने के बाद घिसकर प्लेन किया जाता है। उसके बाद पेंट के एक या दो कोट और चढ़ाये जाते है, जब तक की कलर स्मूथ न दिखने लगे। 

अब पेंट का कार्य फाइनल होने के बाद नीचे टाइल्स पर लगे हुए पेंट के छीटों को साफ़ करना होता है, तथा पानी से धोना पड़ता है। यह काम भी हेल्पर करता है। 

बाहरी दीवारों पर झूले, सीढ़ी या मचान बांधकर कार्य किया जाता है। किन्तु आपको सेफ्टी का ध्यान जरूर रखना है। तथा सेफ्टी बेल्ट जरूर बंधवाना है। 

बाहर की दीवारों पर भी इस तरीके से ही पुट्टी के दो या तीन कोट किये जाते है। ध्यान रहे बाहर की तरफ एक्रेलिक पुट्ठी नहीं करना है। क्योंकि इसमें पानी से पापडे बन जाते है, और एक्सटेरियर पेंट की पकड़ अच्छी तरह से नहीं हो पाती है। बाहरी हिस्से में भी पेंट रोलर से लगा सकते है। 

लोहे के जालियों एवं गेट पर कलर करना :-

लोहे की जालियो एवं गेट पर से जमी हुई सीमेंट आदि हटाकर रोलपेपर से घिसा जाता है। घिसने के बाद उस पर रेडऑक्साइड लगाया जाता है। रेडऑक्साइड भी प्राइमर का काम करता है। उसके बाद ऑइलपेंट किया जाता है। कुछ लोग ऑइलपेंट की जगह डिको पेंट या आस्पा पेंट भी करवाते है इसका रेट अधिक होता है।  

लकड़ी पर पोलिश करना :-

इस कार्य को देखने के बाद ही अच्छे तरह से समझा जा सकता है, किन्तु फिर भी में आपको पोलिश के बारे में कुछ जानकारी देता हूँ। 

लकड़ी पर निम्न तरह पोलिश होती है 
  • टच वुड
  • मेला माइन 
  • डिको पेंट 
  • पी यु  पोलिश 
  • लेमिनेशन 
लकड़ी पर दिखाई देने के हिसाब से दो तरह की पोलिश होती है पहली क्लियर पोलिश और दूसरी कलर पोलिश 

क्लियर पोलिश :-
क्लियर पोलिश नाम से ही लग रहा है, कि ट्रांसपरेंट पोलिश है। इसे लकड़ी पर लगाने पर अंदर की लकड़ी पूरी तरह से दिखाई देती है परन्तु पोलिश लगाने से लकड़ी का आर्टिस्टिक लुक आ जाता है। अब क्लियर पोलिश भी दो तरह की होती है, एक जो पूरी तरह कांच की तरह चमकती है, उसे ग्लॉसी पोलिश कहते है। और दूसरी जो बिलकुल भी नहीं चमकती है, उसे मेट पोलिश कहते है।  

ग्लॉसी एवं मेट पोलिश को आपस में अलग-अलग अनुपात में मिलाकर हम पोलिश की चमक को कम या ज्यादा कर सकते है। यदि हमें ऐसी पोलिश चाहिए जो न ज्यादा ग्लॉसी हो और न ही ज्यादा मेट हो तब हम दोनों पोलिश को आधी-आधी मात्रा में मिलाकर लगा सकते है। इसे फिफ्टी-फिफ्टी के रेशो में पोलिश करना कहते है।

लकड़ी पर टोन चढ़ाना :-

यदि हम लकड़ी सीधे ही पोलिश लगा देंगे तो उसका नेचरल कलर ही दिखाई देगा। लेकिन यदि हम पोलिश लगाने के पहले किसी कलर की बारीक परत लकड़ी पर चढ़ा दे तो उस कलर की हलका सा टोन उस लकड़ी में आ जाता है, अब लकड़ी पोलिश करने के बाद थोड़े स्टायली लुक में आ जाती है। 

इसके अलावा भी बहुत कुछ होता है, जिसके लिए आपको किसी फुल ट्रेंड पेंटर को अपने पास रखना होगा। 

जैसे 
  • स्प्रे पोलिश 
  • रबिंग पोलिश 
  • पोलिश बफिंग 
और भी बहुत कुछ 

दीवारों पर टेक्सचर बनाना आदि :-

टेक्सचर कई प्रकार के होते है जैसे 
  • प्लेन टेक्सचर
  • रॉयल प्ले के टेक्सचर 
  • रफ टेक्सचर 
  • स्टोकू 
  • बाहरी दीवारों के टेक्सचर आदि 
दीवारों पर टेक्सचर बनाने के लिए ट्रेनिंग की आवश्यक्ता पड़ती है। किन्तु फिर भी कुछ नार्मल टेक्सचर हम टेक्सचर रोलर, टेक्सचर टूल या स्टेंसिल से बना सकते है। 

मार्केटिंग:-
शुरू में आपको मार्केटिंग की जरुरत पड़ेगी, उसके बाद आपके पास निरंतर काम बने रहेंगे। आपको एक दो साइडो में थोड़ा नॉलेज लेने की जरुरत पड़ेगी फिर उसके बाद आप मार्केटिंग करे तो बहुत अच्छा है। शुरू-शुरू में आप पुराने मकानो का ही काम लेवे तो अच्छा है, जिससे आपको इस काम के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी मिलेगी। 

एग्रीमेंट:-
आप कोई भी काम लेवे चाहे वह कितना भी छोटा ही क्यों न हो उस काम के बारे में लिखित विवरण होना चाहिए। तथा कार्य का कॉन्टेक्ट कितने में लिया गया है, एवं समय सीमा आदि। उस पर मकान मालिक और आपके हस्ताक्षर होना चाहिए और उसकी ओरिजिनल कॉपी आपके पास होना चाहिए। तथा काम बढ़ने पर अलग से पैसा लगेगा ये भी लिख देना चाहिए। 

पेंटिंग कार्य करने के लिए डॉक्यूमेंशन :-
दोस्तों नगर निगम का लाइसेंस बनवा ले तो अच्छा ही है। यह बीमा करवाने में काम आता है। एवं मकान मालिक से यदि पैसों के लेनदेन में कोई विवाद होता है, तब आपका लाइसेंस एवं एग्रीमेंट बहुत काम आते है। 

बीमा:-
अपने लेबरों का ग्रुप बीमा करवा लेना चाहिए क्योंकि यदि कोई दुर्घटना होती है, तो बीमा से उसकी भरपाई हो सके। झूले एवं मचान जैसे ऊँची जगह पर काम करने वाले पेंटरो को सेफ्टी बेल्ट जरूर पहनाये ताकि दुर्घटना से बचाव हो सके। बिना सेफ्टी बेल्ट के काम करने वाले लेबर के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो बीमा कंपनी भी भरपाई करने से मना कर सकती है, क्योंकि वह दुर्घटना आपकी लापरवाही से मानी जाएगी। इसलिए सेफ्टी का जरूर ध्यान रखे। 

दोस्तों में आशा करता हूँ, की आपको मेरा ये आइडिया पसंद आया होगा। यदि ये Business idea hindi में आपको  पसंद नहीं आया तो कोई बात नहीं हम बहुत जल्दी ही हम एक और नया बिज़नेस आयडिया प्रस्तुत करेंगे। हो सकता है, हमारा अगला बिज़नेस आइडिया आपको पसंद आ जाए।

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धन्यवाद जय हिन्द।


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