दोस्तों आपने कपडे की थैली जो फोटो में दिखाई दे रही है, देखी ही होगी। आजकल इस थैली का उपयोग प्रत्येक दुकानदार सामान देने के लिए करता है। आपको यह थैली प्रिंट करवाकर अपना कमीशन जोड़कर  दुकानदार को देना है। यह बहुत ही सीधा और सरल सा बिज़नेस है, इसमें हमे दुकानदार को उसकी आवश्यकता के अनुसार नॉनवुवन डी कट बैग (कपडे को थैली) प्रिंट करके देना होता है। इस काम को बिना पैसे लगाए भी कर सकते है। आगे पूरी जानकारी उपलब्ध है, बिलकुल सरल भाषा में। पूरा पढ़ेंगे तभी समझ में आयेगा।

नॉनवुवन क्या होता है ?

इस थैली के कपडे को नॉनवुवन क्लॉथ कहते है, क्योंकि यह कपड़े का ही एक रूप है, किन्तु इसमें वूविंग अर्थात बुनाई नहीं होती है, केवल बारीक-बारीक रेशों को एक दूसरे के ऊपर डालकर हीट प्रेस से चिपका दिया जाता है। इसके रेशो के कम ज्यादा होने से कपड़ा मोटा और पतला होता है।

इस कपड़े की मोटाई के अनुसार ही इसे GSM में मापा जाता है। यह कपड़ा दस GSM से लेकर दो सौ GSM तक एवं उससे भी अधिक आता है। एक मीटर गुणा एक मीटर कपडे का जितना वजन होता है, वह ही कपडे का GSM होता है। मान लो एक मीटर गुणा  एक मीटर कपडे का वजन यदि अस्सी ग्राम आता है, तो उस कपडे को अस्सी ग्राम (GSM) का कपड़ा बोलेंगे।

थैली की साइज एवं कलर :-

यह थैली लगभग सभी रंगो में मिलती है। यह थैली कई स्टेंडर्ड साइजो में मिलती है। इस थैली की साइज के अनुसार उसके रेट भी अलग होते है। 

नॉनवुवन बैग की स्टेंडर्ड साइज

16x21 inch
14x19 inch
12x18 inch
12x16 inch
10x18 inch
  8x10 inch


यदि इस बिज़नेस को हमे बिना पैसे लगाए करना है, तो हम मीडिएटर बन सकते है। 

नॉनवुवन डी कट बैग के मीडियेटर कैसे बने :-
(नॉनवुवन बैग के मीडिएटर बनने के लिए आपको निम्न कार्य करना होंगे )

एक थैली का रेट निकाले :-

यह थैली बाजार में किलो के हिसाब से मिलती है। इसका रेट प्रति नग के हिसाब से निकालना पड़ता है। मान लो अभी नॉनवुवन थैली पचास रुपये किलो है। अब हमें 12x18 की एक हजार थैलियाँ खरीदना है, तो हम एक हजार थैलियों को तुलवाकर पचास रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदेंगे। यदि एक हजार थैलियों का वजन छः किलो आया। तब एक हजार थैलिया पचास रुपये प्रति किलो के हिसाब से तीन हजार रुपये की होगी। 12x18 की एक थैली तीन रुपये की पड़ी, बिना प्रिंट करवाए। और बिना भाड़ा जोड़े।
डिजाईन बनवाना :-

इस थैली के ऊपर जो डिज़ाइन प्रिंट करवाना है, वह ग्राफ़िक डिज़ाइनर से बनवाना होगा। प्रति डिज़ाइन का रेट लगभग दो सौ रुपये होता है। यदि थैली के दोनों साइड अलग-अलग डिजाईन है, तो डिज़ाइन के चार्ज दोनों साईड के अलग-अलग लगेंगे।

प्रिंटिंग प्लेट बनवाना:-

किसी भी डिजाईन को प्रिंट करवाने के लिए उसकी प्लेट बनवाना पड़ती है, जो कि प्रिंट करने वाला ही बनवाता है। दोनों साईड एक सामान प्रिंट है, तो एक ही प्लेट बनेगी, और यदि दोनों साइड अलग-अलग डिज़ाइन है, तो दो प्लेट बनेगी। (प्रति प्लेट लगभग डेढ़ सौ रु.)

प्रिंटिंग के रेट पता करना:-

प्रिंटर के पास जाकर प्रिंटिंग रेट पता करना होगा। इस थैली की प्रिंटिंग मशीन अलग होती है। कागज की प्रिंट करने वाले इसकी प्रिंट नहीं करते है। हमें नॉनवुवन थैली प्रिंट करने वाले के पास ही जाना होगा। प्रिंटर का पता हमने जिससे थैली खरीदी है, उसके द्वारा लग जायेगा। बड़े शहरों में यह प्रिंटिंग मशीन आसानी से मिल जाती है। किन्तु छोटे शहरों व गाँवों में यह नहीं मिल पाती।

इसकी प्रिंटिंग का रेट लगभग सात सौ रुपये प्रति हजार होता है। एक बार प्रिंटर से और रेट पता कर लो तो अच्छा ही। ये बाते भी पता करे, कि यदि दोनों साइड अलग-अलग प्रिंट है, तो रेट कितना बढ़ेगा। एक हजार से अधिक प्रिंट है, तो रेट कितना कम होगा आदि।

अब प्रति थैली की कीमत, प्रिंटिंग की कीमत और डिज़ाइन की कीमत, प्लेट की कीमत जोड़कर एक थैली की कीमत निकल आएगी। उसमे अपना मुनाफा जोड़कर आप सप्लाई कर सकते हो।
  • भाड़ा ग्राहक को ही देना होगा। यह पहले ही सुनिश्चित कर लेवे।  
प्रति एक हजार बैग पर पांच सौ से सात सौ तक कमा सकते है। 

यदि अगली बार फिर से उसी ग्राहक के लिए वही साईज में बैग छापना है, तो प्लेट और डिजाइनिंग का खर्चा बच जाएगा।

मार्केटिंग कहाँ करे :-

रेडीमेड कपड़ो की दुकान, जूते चप्पलो की दूकान, मोबाइल की दुकान, साड़ी की दुकान आदि। आसपास के छोटे बड़े गांवो में भी मार्केटिंग कर सकते है। इसी तरह की अन्य सभी दुकानो पर आप मार्केटिंग कर सकते है।

ध्यान रहे आपको थोड़ी पढ़ाई करना होगा जैसे थैली का GSM व साईज ले हिसाब से रेट चार्ट बनाकर तैयार करना होगा। तभी आप किसी दुकानदार को रेट दे पाओगे। बिना तैयारी करे मार्केट में जाओगे तो काफी दिक्क्तों का सामना करना पडेगा।

आसपास के छोटे शहरों या गाँवों में इन थैलियों के लिए मीडिएटरो के पास बहुत काम होता है। एक दिन में ही चार से पांच हजार थैलियों का आर्डर मिल सकता है।

शुरू शुरू में आपको अपने जेब से ही पैसा लगाकर थैलिया छपवाकर देना होगी, कोई आपको एडवांस पेमेंट नहीं देगा। ज्यादातर लोग थैलियाँ देते ही पेमेंट कर देंगे।

कितना मुनाफा प्रति महीने:-

दोस्तों एक दुकानदार गिरी से गिरी हालत में भी एक हजार थैलियों की खपत प्रति महीने करता है, यदि आपने पचास दुकानदारों को भी अपना परमानेंट ग्राहक बना लिया तो एक महीने की पचास हजार बैग होते है। प्रति हजार सात सौ रुपये से पचास हजार थैलियों के पैतीस हजार होते है। और आपके दुकानदारों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जायेगी। पहली बार मार्केटिंग करना होगा उसके बाद मोबाइल पर ही आर्डर मिल जायेंगे।

यदि थैली प्रिंटिंग की मशीन ले ली जाये तो प्रति एक हजार थैलियों पर बारह सौ से अधिक की बचत।

इस बिज़नेस में सिर्फ दो मशीनों की आवश्यकता होती है 

फुल आटोमेटिक नॉनवुवन डी कट बैग मेकिंग मशीन (लगभग दस से चौदह लाख)



नॉनवुवन बैग प्रिंटिंग मशीन (लगभग तीन से आठ लाख)



इसमें लगभग एक हजार स्के फीट जगह और लगभग तीन लेबरों की आवश्यकता होती है।

फुल आटोमेटिक नॉनवुवन डी कट बैग मेकिंग मशीन में नॉनवुवन कपडे का रोल लगाना होता है, उसके बाद एक बार मशीन सेट करने के बाद ऑटोमेटिक बैग कटकर बाहर निकलते रहते है, केवल एक लेबर उन बैग को उठाकर जमाता जाता है।
आप बैग बनाकर बिना प्रिंट करे बेच भी सकते हो।

प्रिंटिंग मशीन में दो लोगो की आवश्यकता होती है।

दोस्तों में तरुण जूनवाल आशा करता हूँ, की आपको मेरा ये आइडिया पसंद आया होगा। यदि ये Business idea hindi में आपको  पसंद नहीं आया तो कोई बात नहीं हम बहुत जल्दी ही हम एक और नया Business idea प्रस्तुत करेंगे। हो सकता है, हमारा अगला बिज़नेस आइडिया आपको पसंद आ जाए। 

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धन्यवाद जय हिन्द।