अनुलोम-विलोम प्राणायाम anulom-vilom Pranayama

सुखासन,सिद्धासन,पद्मासन,वज्रासन में बैठें। शुरुवात और अन्त भी हमेशा बाये नथुने(नोस्टील) से ही करनी है, नाक का दाया नथुना बंद करें व बाये से लंबी सांस लें, फिर बाये को बंद करके, दाया वाले से लंबी सांस छोडें...अब दाया से लंबी सांस लें व बाये वाले से छोडें...याने यह दाया-दाया बाया-बाया यह क्रम रखना, यह प्रक्रिया १०-१५ मिनट तक दुहराएं। 

 सास लेते समय अपना ध्यान दोनो आँखो के बीच मे स्थित आज्ञा चक्र पर ध्यान एकत्रित करना चाहिए। और मन ही मन मे सांस लेते समय ओउम-ओउम का जाप करते रहना चाहिए|हमारे शरीर की ७२,७२,१०,२१० सुक्ष्मादी सुक्ष्म नाडी शुद्ध हो जाती है।  बायी नाडी को चन्द्र( इडा, गन्गा ) नाडी,और बायी नाडी को सुर्य ( पीन्गला, यमुना ) नाडी केहते है।  चन्द्र नाडी से थण्डी हवा अन्दर जती है, और सुर्य नाडी से गरम नाडी हवा अन्दर जती है|थण्डी और गरम हवा के उपयोग से हमारे शरीर का तापमान संतुलित रेहता है।  इससे हमारी रोग-प्रतिकारक शक्ती बढ जाती है|

लाभ

हमारे शरीर की ७२,७२,१०,२१० सुक्ष्मादी सुक्ष्म नाडी शुद्ध हो जाती है। 
हार्ट की ब्लाँकेज खुल जाते है। 
हाय,लो दोन्हो रक्त चाप ठिक हो जायेंगे। 
आर्थराटीस,रोमेटोर आर्थराटीस,कार्टीलेज घीसना ऐसी बीमारीओंको ठीक हो जाती है। 
टेढे लीगामेंटस सीधे हो जायेंगे। 
व्हेरीकोज व्हेनस ठीक हो जाती है। 
कोलेस्टाँल,टाँक्सीनस,आँस्कीडण्टस इसके जैसे विजतीय पदार्थ शरीर के बहार नीकल जाते है। 
सायकीक पेंशनट्स को फायदा होता है। 
कीडनी नँचरली स्वछ होती है, डायलेसीस करने की जरुरत नही पडती। 
सबसे बडा खतरनाक कँन्सर तक ठीक हो जाता है। 
सभी प्रकारकी अँलार्जीयाँ मीट जाती है। 
मेमरी बढाने की लिए। 
सर्दी, खाँसी, नाक, गला ठीक हो जाता है। 
ब्रेन ट्युमर भी ठीक हो जाता है। 
सभी प्रकार के चर्म समस्या मीट जाती है। 
मस्तिषक के सम्बधित सभि व्याधिओको मीटा ने के लिये। 
पर्किनसन,प्यारालेसिस,लुलापन इत्यादी स्नयुओ के सम्बधित सभि व्याधिओको मीटा ने के लिये। 
सायनस की व्याधि मीट जाती है। 
डायबीटीस पुरी तरह मीट जाती है। 
टाँन्सीलस की व्याधि मीट जाती है।

तनाव घटाकर शांति प्रदान करने वाले इस प्राणायम से सभी प्रकार की नाड़ियों को भी स्वस्थ लाभ मिलता है। नेत्र ज्योति बढ़ती है और रक्त संचालन सही रहता है। अनिद्रा रोग में लाभदायक है। इसके नियमित अभ्यास से किसी भी प्रकार का रोग और शोक नहीं होता। चेहरे की कांति बढ़ती है।

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