Corona virus VS Melamine


कोरोना वायरस और मेलामाइन :-
दोस्तों आज दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना से प्रभावित है, सभी देश कोरोना से बचने के लिए संघर्ष कर रहे है। दोस्तों मै इस लेख में आपको कोरोना वायरस और मेलामाइन में क्या समानताएं है, इसकी जानकारी दे रहा हूँ। 

कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण मेलामाइन पोलिश स्प्रे करने वाले को भी होते है, किन्तु वे उसका उपाय कैसे करते है। यह जानने के लिए पूरा लेख पढ़े। 

मेलामाइन क्या है :- 
मेलामाइन सफेद क्रिस्टल के रूप में आने वाला एक कैमिकल है। इसका इस्तेमाल प्लास्टिक, बर्तन बनाने और व्हाइट बोर्ड वगैरा बनाने में किया जाता है। इससे खासतौर पर किडनी की दिक्कत पैदा होती है। सन 2008 में चीन के मेलामाइन मिले मिल्क पाउडर के चलते कई बच्चों की मौत हो गई थी। चीन मेलामाइन से कई हानिकारक खाद्य पदार्थ बनाता है। जैसे चावल, दूध, अंडा, चॉकलेट, पत्तागोभी  आदि। मेलामाइन का उत्पादन चीन में ही शरू हुआ था।

मेलामाइन पोलिश:-
मेलामाइन पोलिश लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजों-खिड़कियों, लोहे अदि पर की जाती है। मेलामाइन परिवार के कई  सदस्य होते है, जैसे (Deco Paint, PU Polish, Lamination Polish, Epoxy, Hardener आदि) मेलामाइन एल्कोहल(थिनर)  में घुलनशील होता है। मेलामाइन में थिनर मिलाकर लगाया जाता है। मेलामाइन को ब्रश से  या स्प्रे करके लगाया जाता है।


जब मेलामाइन को स्प्रे किया जाता तब मेलामाइन आसपास के क्षेत्र में उड़ने लगता है। जिस कमरे में मेलामाइन स्प्रे किया जाता है, उस कमरे में तो खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है। किन्तु जो व्यक्ति मेलामाइन स्प्रे करता उसको उस कमरे में रहना पड़ता है। यदि स्प्रे करने वाला मुँह पर मॉस्क नहीं लगता है, तो मेलामाइन उसके फेफड़ो एवं गले में जम जाता है।

मेलामाइन द्वारा बुखार, सर्दी, खाँसी, गले में तेज जलन एवं साँस लेने में परेशानी आदि होने लगती है।

कोरोना एवं मेलामाइन में के लक्षणों में समानताएँ 

कोरोना :-

  • वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार कोरोना वायरस एल्कोहल में घुलनशील होता है। साबुन से लगभग चार से पांच मिनिट धोने पर ही हाथ से साफ़ होता है। 
  • गले एवं फेफड़ो को संक्रमित करता है, सर्दी, सूखी खाँसी, गले तेज में जलन एवं श्वांस लेने में परेशानी आदि होने लगती है। 
  • शरीर में पचता नहीं है। 
  • सबसे पहले चीन में पाया गया । 

मेलामाइन :-

  • मेलामाइन भी एल्कोहल (थिनर) में घुलनशील होता है। साबुन से लगभग चार से पांच मिनिट धोने पर ही हाथ से साफ़ होता है।
  • गले एवं फेफड़ो में जमता है, सर्दी, सूखी खाँसी, गले में तेज जलन एवं श्वांस लेने में परेशानी आदि होने लगती है। 
  • शरीर में पचता नहीं है। 
  • चीन में उत्पादन होता है। चीन मेलामाइन से नकली खाद्य सामग्री बनाता है। 

स्प्रे करने वाले द्वारा गले एवं फेफड़े मेलामाइन को निकालने के लिए कई उपाय किये जाते है, उनमे से कुछ निचे दिए गए है । 
  • एल्कोहल (शराब) का सेवन किया जाता है । 
  • कुनकुने पानी में नमक डालकर गरारे करना। 
  • गुड़ एवं हल्दी को बराबर मात्रा में मिलाकर गोली बनाकर दिन में दो-तीन बार चूसना। 
  • Curewell कंपनी के Cododex Cough Syrup का एक ढक्कन मुँह में डालकर धीरे-धीरे गले में अंदर चारों तरफ छूते हुए एक-एक बून्द नीचे उतारना। इस तरह यह सायरप दिन में दो से तीन बार पीना पड़ता है। (और भी बहुत से सायरप आते है, किन्तु यह  सबसे अधिक फायदा पहुंचाता है।)

इन उपायों द्वारा मेलामाइन को फेफड़ों व गले में से साफ़ किया जाता है। कफ के द्वारा मेलामाइन या तो पेट में चला जाता है, या बाहर निकाल दिया जाता है। 

दोस्तों इस लेख में दी गई जानकारी से कोरोना के इलाज का कोई संबंध नहीं है। यह लेख केवल कोरोना के लक्षणों एवं मेलामाइन से शरीर में होने वाले लक्षणों की समानता को दर्शाने के लिए है। 

जय हिन्द 

तरुण जूनवाल 
8815006007 

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